आयुष्मान योजना के लाभार्थियों को मल्टी स्पेशियलिटी अस्पतालों में चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग शहर के निजी अस्पतालों को जोड़ रहा है। नए साल में न सिर्फ लाभार्थियों की संख्या बढ़ाने का लक्ष्य है, बल्कि लाभार्थी अब जिले के 47 सरकारी और निजी अस्पतालों में इलाज करा सकेंगे। आठ नए निजी अस्पतालों को योजना से जोड़ा गया है।
सीएमओ डा सुनील कुमार शर्मा ने बताया कि प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री जन आरोग्य आयुष्मान भारत के जिले में 35,955 लाभार्थी परिवार हैं। इनमें 52,050 लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं। 1,411 अंत्योदय कार्डधारकों ने गोल्डन कार्ड बनवाए हैं। बाकी लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाने का कार्य चल रहा है। सितंबर-2018 से शुरू इस योजना से अब तक 16,250 लोगों का योजना से सरकारी व निजी अस्पतालों में नकदीविहीन उपचार करा चुके हैं। इनमें जनरल मेडिसिन के 11,862, बच्चों की बीमारी के 205, हड्डी रोग के 305, आंखों की बीमारी के 649, सामान्य सर्जरी के 1,447, मल्टी स्पेशियलिटी के 560 लोगों ने लाभ उठाया है। योजना से संबंधित अस्पताल में निश्शुल्क बन रहे कार्ड:
आयुष्मान भारत योजना के नोडल अधिकारी डा अशोक कुमार ने बताया कि कार्ड विहीन परिवारों के लिए आयुष्मान कार्ड उपलब्ध कराने के लिए शिविर आयोजित किया जाता है। योजना से संबंधित अस्पताल, जन सेवा केंद्रों पर आयुष्मान कार्ड बनाए जाते हैं। यह कार्ड निश्शुल्क बनाए जाते हैं। कार्ड बनवाने के लिए लाभार्थी का आधार कार्ड, राशनकार्ड, परिवार पंजिका की नकल व प्रधानमंत्री का पत्र होना अनिवार्य है। वर्ष-2011 की आर्थिक जनगणना के अनुसार चयनित पात्रों, पंजीकृत श्रमिकों और अंत्योदय योजना कार्ड धारकों को ही योजना का लाभ मिल सकता है।यदि किसी के नाम का आयुष्मान कार्ड किसी कारणवश किसी और नाम से जारी हो गया है तो चिता की जरूरत नहीं है। टोल फ्री नंबर 180018004444 या 14555 पर दर्ज करा सकते हैं। योजना में जुड़े नए निजी अस्पताल, कृष डिवाइन अस्पताल



